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गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का सम्मान भारत में मिलना ही चाहिए

हम भारतीयों के दिलों में सबसे ज्यादा प्यार-सम्मान-श्रद्धा आदि आदि माँ के प्रति होता है, इसका मुख्य कारणक्या है? विदित हो कि माँ हमें जन्म देती है, प्यार देती है, रोते हुए को अपने......
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई

महत्वपूर्ण योजनायें:सन २०१४ से लेकर अब तक के कार्यकाल में मोदी जी ने कई महत्वपूर्ण योजनायें एवं पहलुओं की शुरुआत की. जिनमें से कुछ की जानकारी इस प्रकार है:स्वच्छ भारत अभियान: यह अभियान ‘भारत’......
संस्कृत भाषा के बारे में ये तथ्य जान करभारतीय होने पर गर्व होगा

संस्कृत भाषा के बारे में ये तथ्य जान करभारतीय होने पर गर्व होगा

‘मैं भारत हूँ’ के प्रस्तुत अंक में संस्कृत के बारे में कुछ ऐसे तथ्य बताया जा रहाहैं,जो किसी भी भारतीय का सर गर्व से ऊंचा कर देगें:१) संस्कृत को सभी भारतीय भाषाओं की जननी......
परभणी के संत

परभणी के संत

 श्री संत मोतीराम महाराज  संतो की भूमी परभणी जिले के अंतर्गत पालम तहसील के फलाग्राम में एक माहेश्वरी परिवार काकाणी के यहाँ श्री दौलतरामजी तथा माता रामकुंवरबाई के  यहाँ दि. ९ अप्रैल १८६७, मंगलवार......
अमरावती की महान विभूतियां

अमरावती की महान विभूतियां

संत गाडगे बाबा संत गाडगे बाबा (जन्म शेंडगाँव) ता. दरियापुर, जिला-अमरावती, २३ फरवरी १८७६ मृत्यु २० दिसंबर १९५६ वलगाँव के पास अमरावती  को महाराष्ट्र राज्य में ‘गाडगे बाबा’ के रूप में जाना जाता है।......
सोलह गाँवों का शहर सोलापुर

सोलह गाँवों का शहर सोलापुर

भारत का एक राज्य महाराष्ट्र के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित एक शहर है, जो कर्नाटक की सीमा के करीब ‘सोलापुर’ मुंबई, पुणे, बैंगलोर और हैदराबाद के बीच प्रमुख राजमार्ग, रेल मार्गों पर स्थित है।......
‘धुले’

‘धुले’

‘धुले’ महाराष्ट्र और भारत के मध्य क्षेत्र के सबसे बड़े शहरों में से एक है। यह शहर भारत के महाराष्ट्र राज्य के उत्तर-पश्चिमी भाग में ‘धुले’ जिले में स्थित है, जिसे ‘पश्चिम खानदेश’ के......
नगांव में दर्शनीय स्थल

नगांव में दर्शनीय स्थल

बोरदोवा थान बोरदोवा ‘बटाद्रवा’ थान असम के ‘नगांव’ में एक पवित्र तीर्थ स्थल है, यहअसमिया संत और समाज सुधारक श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली में स्थित है।शंकरदेव जी ने १९ वर्ष की आयु में सन......
माहेश्वरी समाज की कुल माताएं

माहेश्वरी समाज की कुल माताएं

१.सेवल्या माता- माता जी का स्थान राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की मांडल तहसील के ग्राम बागौर में है। संवल्या माताजी का मंदिर अति प्राचीन है जो ब्राम्हणी माता के नाम से भी प्रसिद्ध है......
माहेश्वरी समाज वंशोत्पत्ति

माहेश्वरी समाज वंशोत्पत्ति

माहेश्वरी समाज! समय के साथ कदम से कदम मिलाने में विश्वास रखता है, इस समाज के सदस्य परिवर्तनशीलता के पक्षधर हैं, इस दृष्टि से सब नित-नवीन हैं। महाकवि कालिदास ने नवीनता की व्याख्या करते......