प्रधानमंत्री द्वारा प्रयागराज में नए हवाई अड्डा का शुभारंभ

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने १६ दिसंबर को प्रयागराज में एक नए हवाई अड्डा परिसर और कुंभ मेले के लिए समेकित कमान एवं नियंत्रण केन्द्र का उद्घाटन किया, प्रधानमंत्री ने गंगा पूजन किया तथा स्वच्छ कुंभ प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया, उन्होंने प्रयागराज में अक्षय वट का दौरा किया। प्रयागराज के अंडावा में भी विभिन्न विकास परियोजनाओं को राष्ट्र के नाम समर्पित किया, उनका उद्घाटन व शिलान्यास भी किया, एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने घोषणा की, कि इस बार अद्र्ध कुंभ के तीर्थयात्री अक्षय वट की यात्रा करने में भी सक्षम हो पाएंगे, उन्होंने कहा कि सरकार प्रयागराज के लिए अच्छा सम्पर्क सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास कर रही है, उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं को आज समर्पित किया गया वे बुनियादी ढांचे एवं संपर्क दोनों की सहायता करेंगे, उन्होंने कहा कि नये हवाई अड्डा टर्मिनल का निर्माण एक वर्ष के रिकार्ड समय में पूरा कर लिया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि अद्र्ध कुंभ आने वाले भक्तों के लिए एक अनूठा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि भारत के गौरवशाली अतीत और गतिशील भविष्य को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार स्वच्छ गंगा सुनिश्चित करने पर भी कार्य कर रही है,उन्होंने कहा कि इस संबंध में सीवेज उपचार संयंत्र एवं घाटों के सौन्दर्यीकरण की बड़ी भूमिका होगी। प्रधानमंत्री ने कुंभ की भारत एवं भारतीयता के एक प्रतीक के रूप में व्याख्या की, उन्होंने कहा कि यह हमें एकजुट करता है और एक भारत, स्वच्छ भारत की झलक प्रस्तुत करता है, उन्होंने कहा कि कुंभ का आयोजन केवल विश्वास की बात नहीं है, बल्कि यह सम्मान की भी बात है और कुंभ जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का अच्छी तरह ध्यान रखा जाएगा, उन्होंने कहा कि अद्र्ध कुंभ प्रदर्शित करेगा कि किस प्रकार ‘नवीन भारत’ विरासत एवं आधुनिकता दोनों को समावेशित करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह देश को सावधान करना चाहते हैं कि कुछ तत्व न्यायपालिका पर अनुचित दबाव बनाने के प्रयास कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व अपने को सभी प्रकार के संस्थानों से ऊपर समझते हैं।

गडकरी, राणे, गोयल, जावडेकर, सहस्त्रबुद्धे और लोढ़ा को बड़ी जिम्मेदारी

मुंबई : बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए कमर कस ली है। चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं और विभिन्न प्रमुख कार्यों के लिए महत्वपूर्ण लोगों की जिम्मेदारियां भी तय हो गई है, इस जिम्मेदारी में महाराष्ट्र के जिन सिर्फ ६ नेताओं को महत्व मिला है वे हैं – नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, प्रकाश जावड़ेकर, नारायण राणे, मंगल प्रभात लोढ़ा और विनय सहस्त्रबुद्धे। बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय से शुक्रवार की देर शाम लोकसभा चुनाव अभियान की विभिन्न समितियों की यह सूची जारी हुई है। लोकसभा चुनाव में जिम्मेदारी के लिए बीजेपी ने जो समितियां बनाई हैं, उनमें पार्टी की संकल्प पत्र समिति (चुनाव घोषणा पत्र समिति) में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे को अहम स्थान मिला है, राणे के अलावा रेल मंत्री पीयूष गोयल को भी संकल्प पत्र समिति में शामिल किया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को सामाजिक व स्वयंसेवी संगठन संपर्क समिति में तथा राज्यसभा सांसद विनय सहदााबुद्धे को साहित्य निर्माण समिति में लिया गया है, इनके अलावा मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को प्रबुद्ध सम्मेलन समिति में लिया गया है। महाराष्ट्र से वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा अकेले नेता हैं, जिन्हें दो समितियों में जिम्मेदारी मिली है। लोढ़ा को लोकसभा चुनाव में यातायात व विमानन समिति तथा लाभार्थी संपर्क समिति में स्थान मिला है, इस सूची में पूर्व मुख्यमंत्री राणे का नाम सबसे अधिक चौंकाने वाला नाम है, वे बीजेपी कोटे से राज्यसभा सदस्य हैं, अपनी चुनाव अभियान टीम में राणे, गडकरी, गोयल, जावड़ेकर, सहदााबुद्धे और लोढ़ा जैसे लोकसभा चुनाव के प्रबंधन, प्रचार और संचालन में माहिर नेताओं को महत्व देकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि बीजेपी की ओर से इस बार का लोकसभा चुनाव किस मजबूती से लड़ा जाएगा।

एसप्लेनेड एज्युकेशन सोसायटी का वार्षिक स्नेह सम्मेलन सम्पन्न

मुंबई : एसप्लेनेड एज्युकेशन सोसायटी द्वारा १२०वें वार्षिक स्नेह सम्मेलन का आयोजन बोरीवली के प्रबोधनकार ठाकरे नाट्यगृह में ७ जनवरी को किया गया था। बच्चों की बड़ी मात्रा और मान्यवर अतिथियों की उपस्थिति में खूबसूरती के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष के रूप में विनोद घोसालकर (म्हाडा अध्यक्ष और शिवसेना के उपनेता) ने कहा कि स्नेह सम्मेलन के माध्यम से बच्चों का शारीरिक, शैक्षणिक, सामाजिक, मानसिक और सांस्कृतिक विकास होता है, संस्था के संस्थापक नवीनचंद मजीठिया ने अपने मनोगत में कहा कि विद्यार्थी जीवन में सफलता के लिए मेहनत करना जरूरी है तब हमारा जीवन आनंदमय होगा, हमारे संस्था के व्यवस्थापक संचालक जयेशभाई मजीठिया ने बच्चों को परिश्रम का महत्व समझाते हुए कहा कि सकारात्मक कायों की ओर अग्रसर होकर अपने जीवन को सफल बनाने का कार्य करें और अपना और अपने राष्ट्र की प्रगति में सहयोग दें, उनके प्ररेणादायक वक्तव्य से बच्चे प्रभावित होकर उल्लास से सहमति जतायी, वार्षिक स्नेह सम्मेलन में विजेताओं को प्रमाणपत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, स्नेह सम्मेलन में एक रस आने के लिए विशेष रूप से नवरस की संकल्पना की गयी थी, उदाहरण के लिए शांत रस, श्रृंगार रस, रूद्र रस, विमस्य रस, इ. रसों के आधार पर कार्यक्रम रूपरेखा के अनुसार संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नवीनचंद्र मजीठिया व व्यवस्थापक संचालक जयेशभाई मजीठिया, विनोद घोसालकर, सभी विभाग के प्राचार्य, मुंबई विद्यापीठ के एनएसएस के प्रमुख बिडवे सर, मुंबई महापालिका की नगरसेविका प्रियंकाताई मोरे और विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी वार्षिक स्नेह सम्मेलन में उपस्थित थे।

कांग्रेस घोषणा पत्र २०१९ के सदस्य डॉ. मुणगेकर ने लोगों का सुझाव लिया

मुंबई: कांग्रेस अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी की योजना, आगामी लोकसभा चुनाव २०१९ के लिए आम सहमति से कांग्रेस का ऐसा घोषणा पत्र बने जो सबको अपना और अच्छा लगे, इसको मूर्तरूप देने के लिए जन आवाज मेनिफेस्टो २०१९ कार्यक्रम का आयोजन गुजराती क्लब माटुंगा में किया गया, मुंबई कांग्रेस के उपाध्यक्ष व दक्षिण मध्य मुंबई जिला कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष विरेंद्र उपाध्याय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, इस अवसर पर जिले के ६ विधान सभा क्षेत्रों के सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे, मुंबई के एकमात्र कांग्रेस मेनिफेस्टो २०१९ के सदस्य व पूर्व राज्यसभा सदस्य भालचंद्र मुणगेकर ने एक-एक कर सभी के सुझाव मांगे, लोगों ने गरीबों को मिल रहे राशन, महिला गृह उद्योग पर जी.एस.टी. का भार महिलाओं की सुरक्षा देश में बढ़ रही बेतहासा महंगाई और बेरोजगारी, मुंबई में शिक्षा और शिक्षकों के मौजूदा हालात को डॉ. मुणगेकर के समक्ष रखा, सभी के विचार सुनने के पश्चात उन्होंने मेनिफेस्टो २०१९ सेमिनार को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज मुझे यहां ४४ सुझाव लोगों के द्वारा मिले हैं, मुझे इस बात की बेहद खुशी हो रही है, कि राहुल जी ने मुझे मुंबई से एक मात्र मेनिफेस्टो का सदस्य बनाया है, इस नाते मैं आप सभी से आपका विचार ले रहा हूं, हमने अब तक ३६ राज्यों के १६० शहरों में इस तरह का कार्यक्रम आयोजित कर हजारों लोगों का सुझाव लिया है, आज जितने भी लोगों ने मुझे सुझाव दिए हैं वह सभी सुझाव लोगों के हित में है, आगामी १ फरवरी को दिल्ली में राहुल जी को रिपोर्ट दी जाएगी। देशभर से आए लोगों के विचार को ध्यान में रखकर आगामी २०१९ चुनाव का घोषणापत्र कांग्रेस तैयार करेगी। डॉ. मुणगेकर ने कहा कि आप सभी लोगों ने मेरे विचार को अत्यंत शांतिपूर्वक सुना और अच्छा सुझाव मुझे दिया इसके लिए मैं आप सभी का आभार व्यक्त करता हूं। कार्यक्रम में राघवन सारथी, उपेन्द्र दोशी, राजन भोसले, किसन मिस्त्री, श्रीमती नैना दोशी, अमित शेट्टी, जीतसिंह रावत, वकील खान, निर्मला सिंह, सैय्यद खालिद नईम, विष्णु गायकवाड, रोशना शाह, एस.के. सिंह, अभिषेक सावंत, राजेंद्र (राजू) नगराले, अकबर हुसैन (राजू भाई), दीपक तलवार, मोहन सिंह, राकेश पाण्डेय, महेश भानुशाली, नगरसेवक सुफियान नियाज वनू, रघुवीर सिंह माटा, मो. रशीद शेख और विजय काम्बले के अलावा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। वीरेन्द्र उपाध्याय ने गुलदस्ता देकर डॉ. भालचंद्र मुणगेकर का स्वागत किया, कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र खैरे ने किया।

राजीव प्रताप रूडी बने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने २२ दिसंबर को पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी को पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया।
बिहार से लोकसभा सदस्य श्री रूडी पूर्व में भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं।
श्री रूडी ने ट्वीट कर कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को धन्यवाद, मैं प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार की उपलब्धियों के प्रसार के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर जिम्मेदारी निर्वहन के लिए आशान्वित हूं।’
श्री रूडी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली भाजपा की अगुवाई वाली पहली राजग सरकार में मंत्री रहे हैं और मोदी सरकार में भी मंत्री पद संभाल चुके हैं।

भारत की राष्ट्रभाषा घोषित होने से
‘हिंदी’ फिल्म उद्योग का लाभ बढ़ेगा-इमरान हाशमी

मुंबई : Cheat India फिल्म के प्रचार -प्रसार हेतु मुंबई से प्रकाशित दैनिक नवभारत टाइम्स द्वारा आयोजित रंगमंच कार्यक्रम में पत्रकार रेखा खान द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नोत्तर के बीच जब यह पूछा गया कि भारत की एक राष्ट्रभाषा घोषित होनी चाहिए, जिसके लिए फिल्म उद्योग का भी सहयोग मिलना चाहिए तो अभिनेता इमरान हाशमी ने कहा कि इसके लिए फिल्म उद्योग को एक कमेटी घोषित करनी चाहिए ताकि ‘हिंदी’ राष्ट्रभाषा घोषित हो, हिंदी यदि राष्ट्रभाषा घोषित होती है तो सबसे ज्यादा फायदा फिल्म उद्योग को ही होगा जिस विचारों का स्वागत रंगमंच में उपस्थित युवाओं ने करतल ध्वनि के साथ किया। 

मुंबई पुलिस को भारतीयता का सम्मान

माटुंगा पुलिस थाने में तैनात पुलिसकर्मी ललिता के घर जमा होकर उन्हें फुलों का गुलदस्ता भेंट करने के बाद केक कटवाते हैं और खुशियां मनाते हैं। ललिता का घर वडाला के चार रास्ता में है, जो जोन-४ पुलिस के तहत आता है, इस मौके पर संबंधित जोन-४ के डीसीपी, माटुंगा डिविजन के एसीपी, माटुंगा के सीनियर पीआई, पीआई, एपीआई समेत दर्जनों सिपाही मौजूद रहते हैं। यह सिलसिला पिछले कई साल से जारी है।
ट्वीट कर दी बधाई : मुंबई पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से ललिता को जन्मदिन की बधाई दी और लोगों से बुजुर्गों का खयाल रखने की अपील की, साथ बुजुर्गों को तकलीफ होने या कोई जानकारी मिलने पर मुंबई पुलिस को ट्वीट, मेसेज या नियंत्रण कक्ष में कॉल कर बताने की अपील की। मुंबई पुलिस में उनका कोई सगा बेटा नहीं है, लेकिन पुलिस के जवान उनके बेटों से कम भी नहीं हैं, पुलिसकर्मी ८४ वर्षीय ललिता सुब्रहमण्यम का जन्मदिन हर साल २ जनवरी को मनाते हैं।
पुलिसकर्मी रखते हैं खयाल : हर साल की तरह इस साल भी जोन-४ की डीसीपी एन. अंबिका, एसीपी अस्मिता भोसले और सीनियर पीआई भरत भोईटे, पीआई व्हनमाने समेत दर्जनों की तादात में पुलिसकर्मी व अधिकारी ललिता जी के घर पहुंचे, यहां गाने-बजाने के बीच उनका जन्मदिवस मनाया गया।
सीनियर पीआई भोईटे ने बताया, ‘ललिता जी हम पुलिसकर्मियों की मां हैं, उन्हें पुलिसकर्मी स्नेह से मम्मी बुलाते हैं, हर सप्ताह मांटुगा थाने के पुलिसकर्मी उनका हालचाल जानने उनके घर जाते हैं या काम की व्यस्तता होने पर फोन कर उनकी जानकारी लेते रहते हैं, मम्मी भी हर पंद्रह दिन में स्वयं फोन कर पुलिस को अपनी स्थिति बता देती हैं।’ डीसीपी अंबिका ने बताया कि पुलिसकर्मी ‘मम्मी’ के सुख-दुख का खयाल रखते हैं, गौरतलब है कि पढ़े-लिखे, सुखी-संपन्न और गृहस्थ जीवन बसा चुके तीन बेटों की मां हैं ललिता सुब्रहमण्यम। बेंगलुरू में उनका छोटा बेटा, जबकि कनाडा और यूएसए में बड़ा और मंझला बेटा रहता है, वे लोग मुंबई कम ही आते हैं, इसलिए ललिता पिछले २५ साल से वडाला स्थित अपने घर में अकेले ही रहती हैं।

-मैंभाहूँ
संस्कृत से हिन्दी का ढाई हजार साल का सफर

भाषा वैज्ञानिक के अनुसार हिन्दी के अलावा भारत की सभी भाषाएं संस्कृत से निकली हैं, बंगला, उड़िया, असमिया, गुजराती और मराठी भाषाओं की जननी संस्कृत है, हिन्दी भाषा देववाणी संस्कृत की प्रथम उत्तराधिकारिणी है, अत: हिन्दी को संस्कृत की बड़ी बेटी कहा जाता है, हिन्दी-व्याकरण भी संस्कृत के व्याकरण पर ही आधारित है। हजारों संस्कृत के शब्द हिन्दी में ज्यों-के-त्यों प्रयुक्त होते हैं, ऐसे शब्द तत्सम कहलाते हैं। ई.पूर्व १५०० से ई. पूर्व ५०० तक संस्कृत प्रचलित थी, उसके बाद संस्कृत विकृत होने लगी। विकृति से पाली भाषा का उदय हुआ। पाली का काल ई. पूर्व ५०० से ई. पूर्व १०० तक है, इस अवधि में पाली भाषा आम जनता की भाषा थी और संस्कृत पण्डितों की भाषा बन गयी, भगवान बुद्ध पाली में ही उपदेश देते थे। बौद्ध-ग्रंथ-त्रिपिटक पाली में ही है, ईसा की पहली सदी से पाली भी विकृत होने लगी, जिससे प्राकृत भाषा का जन्म हुआ। मोटे तौर पर प्राकृत भाषा का काल पहली शताब्दी से लेकर पांचवीं-छठीं शताब्दी तक है, प्राकृत भाषा में भी अनेक ग्रंथ रचे गये। पांचवीं सदी से प्राकृत में भी परिवर्तन होने लगा। प्राकृत परिवर्तित होकर ३१ अपभ्रंश बन गयी, अपभ्रंश भाषा का समय पांचवीं-छठी से लेकर बारहवीं सदी तक माना जाता है, विद्वान अपभ्रंश का अंतिम समय दसवीं शताब्दी तक ही मानते हैं।
भाषा में परिवर्तन धीरे-धीरे होता है, इस प्रक्रिया में सौ-पचास वर्ष या उससे भी अधिक वर्ष का हो सकता है, इसलिए भाषा का आरंभिक और अंतिम तिथि में मतभेद होता है, अपभ्रंश में अनेक काव्य रचे गये, अपभ्रंश के जैन कवि स्व्यंभू का काल ८वीं सदी है, स्वयंभू ने रामकथा पर आधारित ‘पऊमचरिऊ’ की रचना की, स्वयंभू को अपभ्रंश का बाल्मीकि और ‘पऊम-चरिऊ’ को जैन-रामायण कहा जाता है। अपभ्रंश को बाद में अपभ्रष्ट, अवहट्ठ और अवहत्य कहा जाने लगा, मैथिल कोकिल विद्यापति अवहट्ठ भाषा के भी कवि थे, उनकी एक प्रसिद्ध पंक्ति हैदेसिल बचना सब जन मिट्ठा। ते तैसन जपऔ अवहट्ठा।।
अपभ्रंश के कई क्षेत्रिय रूप थे, शौर सेनी, पैशाची, मग मागधी, अर्धमागधी, ब्राचड़ और महाराष्ट्री इत्यादि, हिन्दी आरंभ में एक क्षेत्रिय बोली थी ‘जो सौर सेनी अपभ्रंश से निकली है’ आरंभ में यह दिल्ली मेरठ के क्षेत्र में बोली जाती थी, यही बोली विकसित होकर सारे भारत में फैल गयी, ‘हिन्दी’ मुस्लिम शासकों द्वारा दक्षिण भारत में पहुंची।
दिल्ली आने वाले व्यापारियों के द्वारा भी ‘हिन्दी’ विस्तृत हुई, आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी के अथक प्रयास से गद्य और पद्य की भाषा को खड़ी बोली किया गया, उनके द्वारा हिन्दी का मानकीकरण किया गया। खड़ी बोली के विस्तार और परिष्कार में पं-कामता प्रसाद गुरू और किशोरीदास वाजपेयी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जयशंकर प्रसाद, निराला, सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा और दिनकर जी के साहित्य में हिन्दी का नवीनतम और परिकृत रूप मिलता है। वरिष्ठ पत्रकार व संपादक बिजय कुमार जैन ‘हिंदी सेवी’ का ‘हिंदी बने राष्ट्रभाषा’ भारत की भाषायी संस्कृति संवर्धन क्षेत्र में एक प्रयास कहा जा सकता है।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के शिल्पकार भारत के कोहिनूर - मुनगंटीवार

मुंबई: विश्व में सबसे ऊंची मूर्ति सरदार पटेल की ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ की संकल्पना संजोकर शिल्पकार राम सुतार ने समस्त विश्व में भारत का सम्मान बढ़ाया है, वे हमारे कोहिनूर हैं, महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने यह कहते हुए विख्यात मूर्तिकार सुतार का अभिनंदन किया। मुम्बई की करीब ५० से भी ज्यादा सामाजिक संस्थाओं की ओर से आयोजित इस समारोह में मुनगंटीवार और बीजेपी के वरिष्ठ विधायक मंगल प्रभात लोढा ने श्री सुतार को सरस्वती माता की प्रतिमा भेंट कर शॉल व पुष्पगुच्छों से उनका अभिनंदन किया। प्रसिद्ध पुस्तक ‘परमवीर’ की लेखिका श्रीमती मंजू लोढा ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।
मकर संक्रांति की शाम लोढ़ा वल्र्ड टॉवर में आयोजित इस सम्मान समारोह में मुनगंटीवार ने कहा कि विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण करनेवाले सुतार का अभिनंदन विश्व की सबसे ऊँची आवासीय बिल्डिंग वल्र्ड वन में होना भी एक अद्भुत संयोग है, उन्होंने राम सुतार को गर्व और गौरव का प्रतीक बताते हुए उन्हें भारत भूषण की संज्ञा दी। बीजेपी के वरिष्ठ विधायक लोढा ने इस अवसर पर कहा कि स्टेचू ऑफ यूनिटी को बनानेवाले सुतार जैसे सरल, सामान्य एवं महान व्यक्तित्व के धनी का हम सबके हाथों सत्कार होना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
अपने अभिनंदन से अभिभूत पद्मभूषण शिल्पकार सुतार ने अपने भाषण में न केवल विश्व की सबसे बड़ी मूर्ति ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ बल्कि अपनी अब तक की सभी कलाकृतियों एवं रचनात्मकता का सारा श्रेय भारत की सांस्कृतिक परंपरा को दिया, इस अत्यंत गरिमामयी अभिनंदन समारोह में देश की करीब ५० से भी अधिक प्रतिष्ठित व सक्रिय सामाजिक और सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों सहित केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की धर्मपत्नी श्रीमती सीमाताई अठावले ने भी सुतार का अभिनंदन किया। समारोह में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन केवल हांडा एवं राजेन्द्र जाधव भी मंच पर थे, लोढा फाउंडेशन की अगुवाई में डॉ. द्वारकानाथ कॉटणीस रिसर्च ब्यूरो और लाडले इन्फो द्वारा संयुक्त रूप से यह समारोह आयोजित किया गया, समारोह में कला, संस्कृति, समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों के कई जाने माने लोग भी विशेष रूप से आमंत्रित थे, लाडलेइन्फो के राजकुमार शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा पत्रकार सुरक्षा बिल का समर्थन

वयोवृद्ध कांग्रेसी पुरोधा माधवसिंह सोलंकी ने पत्रकारों की सुरक्षा हेतु संसद द्वारा एक राष्ट्रीय कानून का समर्थन किया है, उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि महाराष्ट्र सरकार के पत्रकार एवं मीडिया भवन सुरक्षा विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अभी तक अधिमान्यता नहीं दी, इस विधेयक को महाराष्ट्र विधान मंडल के दोनों सदनों ने २०१७ में एक स्वर से स्वीकृत किया था, यह राय श्री सोलंकी ने इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (IFWJ) के प्रतिनिधि मण्डल के समक्ष व्यक्त की। IFWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० के. विक्रम राव की अगुवाई में यह दल गांधीनगर (गुजरात) में उनसे गत सप्ताह मिला था, उसी दिन (८ जनवरी २०१९) IFWJ के सदस्यों ने गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी तथा राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली को भी विज्ञप्ति दी थी।
श्री सोलंकी स्वयं श्रमजीवी पत्रकार थे। वे चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री और केन्द्रीय (इन्दिरा गांधी तथा पी. वी. नरसिम्हा राव) केबिनेट में मंत्री रहे। श्री सोलंकी ने याद दिलाया कि IFWJ के विशेष अधिवेशन का (२७-२८ दिसम्बर १९८९) अहमदाबाद में उद्घाटन किया था, अध्यक्षता के. विक्रम राव ने की थी, गुजरात विधानसभा में जनता दल विपक्ष के नेता चिमनभाई पटेल मुख्य अतिथि थे, तब ३१ राज्यों से ८५० पत्रकार इसमें उपस्थित हुए थे।

विपिन धूलिया सचिव मुख्यालय IFWJ

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